कानपुर
बढ़ती मारपीट, बवाल और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए कमिश्नरी पुलिस ने एक नई विशेष विंग का गठन किया है, जिसका नाम “ब्लैक हॉक” रखा गया है। यह विंग पीएसी की तर्ज पर काम करेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित करेगी।
इस नई विंग में पहले चरण में 50 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है, जिन्होंने पुलिस लाइन में विशेष प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। इन पुलिसकर्मियों को आधुनिक उपकरणों के साथ काले रंग के बॉडी प्रोटेक्टर भी दिए गए हैं, ताकि वे बवाल की स्थिति में सुरक्षित रहते हुए प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में छोटी-छोटी बातों पर भी विवाद बढ़कर बड़ी घटनाओं का रूप ले लेता है। कई बार थाना और चौकी स्तर पर थोड़ी देरी होने पर हालात बिगड़ जाते हैं। ऐसे में इस विशेष विंग का उद्देश्य तुरंत प्रतिक्रिया देकर स्थिति को काबू में करना है।
“ब्लैक हॉक” विंग न केवल बवालियों को नियंत्रित करेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर लाठीचार्ज जैसी सख्त कार्रवाई भी कर सकेगी। इसके अलावा पुलिस समय-समय पर दंगा नियंत्रण अभ्यास भी कराएगी, जिसमें विभिन्न परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
पहले भी कमिश्नरी में एक विशेष विंग बनाई गई थी, जिसे आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद वह विंग निष्क्रिय हो गई थी। इस बार पुलिस ने नई रणनीति के तहत स्थायी व्यवस्था बनाने की कोशिश की है।
डॉ. विपिन ताडा (अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था) ने बताया कि इस विंग का गठन बवाल और तोड़फोड़ की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित टीम के जरिए कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।


