फर्रुखाबाद। सोशल मीडिया पर वायरल हुए तमंचा वीडियो ने जब सनसनी फैलाई तो पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देश पर कमालगंज थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ—जिसे लोग असली हथियार समझ रहे थे, वह दरअसल एक रील के लिए इस्तेमाल किया गया नकली लाइटरनुमा तमंचा निकला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में गोसपुर निवासी हयात (25 वर्ष) पुत्र तालिब एक बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठते समय कमर में तमंचा लगाते हुए दिखाई दे रहा था। वीडियो के वायरल होते ही इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लिया।
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कमालगंज पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर थाने बुलाया और पूछताछ की। पूछताछ में हयात ने बताया कि यह वीडियो करीब दो वर्ष पुराना है, जिसे ईदगाह रोड, गोसपुर के पास बनाया गया था। उसने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहा तमंचा असली नहीं था, बल्कि एक लाइटर जैसा नकली प्रॉप था, जिसका इस्तेमाल केवल सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए किया गया था।
पुलिस जांच में भी यह तथ्य सही पाया गया कि वीडियो भ्रामक था और इससे किसी प्रकार की वास्तविक आपराधिक गतिविधि जुड़ी नहीं थी। हालांकि, पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रामक और भय फैलाने वाले वीडियो बनाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए इस तरह के वीडियो बनाना न केवल गैरजिम्मेदाराना है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है। आम जनता में डर और भ्रम फैलाने वाले ऐसे कंटेंट पर सख्त नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी आरती सिंह का कड़ा एक्शन खुला वायरल तमंचा वीडियो का सच, ‘रील’ निकली कहानी


