फर्रुखाबाद। जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में आज नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) का शुभारंभ अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा इस अवसर पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ एवं यज्ञ-हवन का आयोजन कर शिक्षा के साथ संस्कारों के नए अध्याय की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के दौरान सुंदरकांड का सस्वर पाठ किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पूरे विद्यालय परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। संगीत की मधुर लहरियों के बीच सभी ने सामूहिक रूप से हनुमान जी की आराधना की।
विद्यालय के आचार्य श्री आलोक दीक्षित जी ने वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ हवन संपन्न कराया। हवन के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने आहुति देकर नए सत्र में सफलता, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संस्कारों के साथ शिक्षा पर जोर
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक शांति, एकाग्रता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा लगाव विकसित करना है। ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सरस्वती विद्या मंदिर में सुंदरकांड व हवन का आयोजन


