27 C
Lucknow
Thursday, April 2, 2026

पश्चिम एशिया युद्ध का असर, बरेली के उद्योगों पर गहराया संकट

Must read

बरेली
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। बरेली के औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां औद्योगिक व्यावसायिक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की बढ़ती कीमत, एलपीजी की किल्लत और कच्चे माल की कमी के कारण उत्पादन करीब 40 फीसदी तक घट गया है। इससे मांग और आपूर्ति का संतुलन भी बिगड़ने लगा है।

उद्यमियों के अनुसार, पिछले तीन सप्ताह में पीएनजी की कीमतों में लगातार तीन बार वृद्धि हुई है। कीमत 58 रुपये प्रति एससीएम से बढ़कर 66, फिर 75 और अब 80 रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ती लागत और सीमित संसाधनों के कारण उद्योग चलाना मुश्किल हो रहा है। उद्योगपति फिलहाल मुनाफा घटाकर काम चला रहे हैं, लेकिन स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उत्पादों के दाम बढ़ाना मजबूरी हो जाएगा।

एलपीजी की कमी और अन्य समस्याओं के चलते श्रमिकों का पलायन भी शुरू हो गया है। पसाखेड़ा, फरीदपुर और भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्रों से करीब 20 फीसदी मजदूर अपने घर लौट चुके हैं। इससे उत्पादन पर और अधिक असर पड़ रहा है। कुशल श्रमिकों की कमी के कारण कई फैक्टरियों ने रात की शिफ्ट बंद कर दी है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई फैक्टरियां पूरी तरह बंद हो चुकी हैं, जबकि अन्य बंद होने की कगार पर हैं। गत्ता, खाद्य प्रसंस्करण, प्लाईवुड और प्रिंटिंग से जुड़ी इकाइयां प्रभावित हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन समाधान नजर नहीं आ रहा। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो इसका असर रोजगार और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देगा।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article