– सेनाध्यक्ष ने माना गंभीर नैतिक चूक
यरुशलम।
वेस्ट बैंक में पत्रकारों के साथ गलत व्यवहार के मामले में इस्राइली सेना ने कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित बटालियन को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से सेना ने अनुशासन और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है।
इसराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने आंतरिक जांच के बाद स्वीकार किया कि उसके सैनिकों ने ड्यूटी के दौरान पत्रकारों के साथ अनुचित व्यवहार किया।
यह मामला वेस्ट बैंक के जुडिया और सामरिया क्षेत्र में एक अभियान के दौरान सामने आया, जहां अवैध चौकी को हटाने की कार्रवाई चल रही थी।
सेना के अनुसार, इस अभियान के दौरान मौजूद पत्रकारों के साथ बातचीत और व्यवहार में तय नियमों का पालन नहीं किया गया।
जांच में पाया गया कि सैनिकों ने प्रेस से जुड़े प्रोटोकॉल को नजरअंदाज किया और अपने आचरण में कई गंभीर चूक की।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ऑपरेशन के दौरान सैनिकों ने अनुशासन और निर्देशों की अनदेखी की, जिससे सेना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए।
इन निष्कर्षों के आधार पर सेना ने संबंधित बटालियन की ऑपरेशनल तैनाती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
आईडीएफ ने कहा कि यह कदम सुधारात्मक कार्रवाई के तहत उठाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं।
सेना ने यह भी दोहराया कि वह प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करती है और मीडिया को अपनी भूमिका निभाने के लिए सुरक्षित माहौल देना उसकी जिम्मेदारी है।
इस पूरे मामले पर सेनाध्यक्ष Eyal Zamir ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे गंभीर नैतिक विफलता बताया।
उन्होंने कहा कि हर सैनिक को यह सिखाया जाता है कि हथियारों का इस्तेमाल केवल मिशन के लिए किया जाए, न कि किसी प्रकार की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया या दुरुपयोग के लिए।
सेनाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सेना के मूल्यों के खिलाफ जाने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों को हटाने की कार्रवाई पहले से ही संवेदनशील और विवादित रही है, जहां अक्सर पत्रकार और स्थानीय लोग मौजूद रहते हैं।
ऐसे अभियानों के दौरान सेना के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि वह नियमों का सख्ती से पालन करे और मीडिया के साथ संतुलित व्यवहार बनाए रखे।


