बाराबंकी।
संग्राम सिंह वर्मा का सोमवार को 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले एक सप्ताह से लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही बाराबंकी समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
संग्राम सिंह वर्मा प्रदेश सरकार में कृषि राज्य मंत्री और रेशम उद्योग मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। वह बाराबंकी से तीन बार विधायक चुने गए और लंबे समय तक क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। कुर्मी समाज के प्रभावशाली नेताओं में उनकी गिनती होती थी।
उन्होंने दिग्गज नेता बेनी प्रसाद वर्मा के बाद कुर्मी समाज में अपनी अलग पहचान बनाई। संगठनात्मक क्षमता और जनाधार के चलते वे जिले की राजनीति में मजबूत पकड़ रखते थे। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने समय-समय पर दल परिवर्तन भी किया, जिससे क्षेत्रीय राजनीति पर खासा प्रभाव पड़ा।
वर्ष 2017 में उन्होंने समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थामा, जबकि 2022 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। उनके इस कदम को जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया था और इसका असर चुनावी समीकरणों पर भी पड़ा।
उनका परिवार भी राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है। उनके भाई सुरेंद्र वर्मा ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी शीला सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष हैं। संग्राम सिंह वर्मा के निधन को जिले की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है, और विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।


