एटा। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग भारी चिंता में हैं। मारहरा ब्लॉक के गांव अल्लैपुर में रहने वाले रूपेंद्र यादव के सात माह के पुत्र चिराग पिछले तीन दिनों से तेज बुखार से पीड़ित था। परिजन पहले उसे स्थानीय स्तर पर इलाज कराने की कोशिश करते रहे, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार की शाम अचानक बच्चे की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिस पर उसे तुरंत निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत गांव अल्लैपुर पहुंची और बच्चों तथा ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि बीते 24 घंटों में क्षेत्र में वायरल बुखार के कारण 50 से अधिक लोग बीमार पड़े हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चे और वृद्ध शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांववासियों को सतर्क रहने और बीमारी के लक्षणों पर तत्काल ध्यान देने की सलाह दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में मौसम में बदलाव और बढ़ती गर्मी के कारण वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा है। विभाग ने अल्लैपुर और आस-पास के गांवों में औषधि वितरण और प्राथमिक उपचार केंद्रों को सक्रिय किया है। ग्रामीणों से अनुरोध किया गया है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें और बीमार पड़ने पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र का संपर्क करें।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेताया है कि वायरल बुखार सामान्य जुकाम या हल्के बुखार से अलग है और इसकी समय पर पहचान और उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों को हाइड्रेशन, संतुलित आहार और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना और सार्वजनिक जगहों पर मास्क का प्रयोग करना महत्वपूर्ण है।
वायरल बुखार के इस फैलाव ने एटा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता को भी उजागर किया है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में सक्रिय निगरानी, मेडिकल टीमों की तैनाती और समय पर इलाज से प्रकोप को नियंत्रित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यदि ग्रामीण और अभिभावक सावधानी बरतें और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें, तो वायरल बुखार के फैलाव को रोका जा सकता है। जिले में स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है और आवश्यक दवाइयां तथा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
फिलहाल, ग्रामीण परिवारों में चिंता का माहौल है और लोग बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरत रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है और समय-समय पर जानकारी साझा कर रही है।


