जलालाबाद (शाहजहांपुर)। क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है कि भगवान परशुराम संस्कृत महाविद्यालय, परशुरामपुरी के मेधावी छात्र एवं प्रसिद्ध संत स्वामी रामेंदु देव परमहंस तथा स्वामी हरि शरण देव हंस जी के प्रिय शिष्य, ज्योतिष के विद्वान आचार्य प्रेम चैतन्य शास्त्री (राजेश कुमार दीक्षित) ने संस्कृत विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने यह उपाधि सिंघानिया यूनिवर्सिटी से अर्जित की है।
आचार्य प्रेम चैतन्य शास्त्री न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं, बल्कि वे सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे देवऋषि डॉ. प्रेम चैतन्य शास्त्री ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष भी हैं, जिसके माध्यम से वे समाज में शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रसार हेतु निरंतर कार्य कर रहे हैं।
उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से जलालाबाद क्षेत्र सहित पूरे जनपद में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शुभचिंतकों एवं विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
लोगों का कहना है कि आचार्य शास्त्री की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और संस्कृत भाषा के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता
संस्कृत में पीएचडी हासिल कर आचार्य प्रेम चैतन्य शास्त्री ने बढ़ाया क्षेत्र का मान


