नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आम जनता को राहत देने के लिए भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करते हुए पेट्रोल पर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की घोषणा की है।
इस फैसले का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। खासतौर पर डीजल पर ज्यादा कटौती से परिवहन लागत कम होने की उम्मीद है, जिससे महंगाई पर भी कुछ हद तक नियंत्रण मिल सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में सरकार का यह कदम कीमतों को संतुलित रखने और आम जनता को राहत देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से लॉजिस्टिक्स, कृषि और उद्योग क्षेत्र को भी फायदा मिलने की संभावना है, क्योंकि डीजल की कीमतों में कमी से माल ढुलाई की लागत घटेगी। इससे रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम महंगाई को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देने के लिए उठाया गया है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी से आम लोगों के दैनिक खर्च में कुछ राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो परिवहन पर अधिक निर्भर हैं।


