अमृतपुर/फर्रुखाबाद: तहसील अमृतपुर में सोमवार को विरासत दर्ज करने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि अधिवक्ताओं और लेखपाल के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट हो गई, जिसमें लेखपाल धर्मेंद्र त्रिपाठी के पिटने की बात सामने आई है। घटना के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
आरोप है कि लेखपाल धर्मेंद्र त्रिपाठी द्वारा विरासत दर्ज करने के लिए अधिवक्ता प्रभाकर त्रिवेदी से ₹10,000 की मांग की गई थी, जिसमें से ₹7,000 पहले ही दिए जा चुके थे। जब इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई, तो इसी बात से नाराज लेखपाल ने कथित रूप से अभद्रता शुरू कर दी। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और मामला मारपीट में बदल गया।
बताया गया कि रामप्रकाश अग्निहोत्री पुत्र नन्हे की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अखिलेश, मनोज और पत्नी मुन्नी के नाम विरासत दर्ज होनी थी। परिजनों का आरोप है कि पैसे न देने पर विरासत को विवादित कर तहसीलदार न्यायालय में भेजने की धमकी दी गई।
इसी तरह मझुआपुर खैराबाद गांव में मृतक पियूष के परिजनों से भी विरासत दर्ज करने के नाम पर धन की मांग का आरोप सामने आया है। वहीं अमृतपुर निवासी मृतक केशव के इकलौते पुत्र संजय सोमवंशी की विरासत अब तक दर्ज नहीं की गई, जिससे परिजन परेशान हैं।
एक अन्य मामले में पूर्व प्रधान बृजपाल सिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र द्वारा ऑनलाइन विरासत आवेदन करने के बावजूद उसे खारिज कर दिया गया, जिससे अधिवक्ताओं में रोष बढ़ गया।
इन सभी मामलों को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मारपीट हो गई, जिसमें लेखपाल धर्मेंद्र त्रिपाठी के साथ हाथापाई और पिटाई की बात सामने आई है। मौके पर मौजूद अन्य लेखपालों और कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
घटना के बाद तहसील परिसर में लेखपाल के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। अधिवक्ताओं ने दोषी लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और उप जिलाधिकारी संजय सिंह ने संज्ञान लिया है।
अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश देते हुए दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।फिलहाल तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और माहौल बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।


