– भोलेपुर के डॉ राकेश तिवारी, उनके चिकित्सक पुत्र डॉ रोहित बहू डॉ आकांक्षा और सास रत्ना भी अभियुक्त बने
शाहजहांपुर /फर्रुखाबाद। भोलेपुर स्थित तिवारी नर्सिंग होम के संस्थापक डॉ राकेश तिवारी की बहू इंदु पांडे पत्नी डॉ राहुल तिवारी नें व अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गर्भ में पल रहे बच्चे को गिराने की कोशिश का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने पति समेत ससुर डॉक्टर राकेश तिवारी स श्रीमती रत्ना तिवारी देवर डॉक्टर रोहित तिवारी व उनकी पत्नी डॉक्टर आकांक्षा के खिलाफ 19 मार्च 2026 को जनपद शाहजहांपुर के थाना पुवायां में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता श्रीमती इन्दु पत्नी राहुल तिवारी, निवासी गांधी नगर, पुवायां (शाहजहांपुर) ने तहरीर में बताया कि उनकी शादी 2 दिसंबर 2022 को हिंदू रीति-रिवाज से राहुल तिवारी निवासी नगला दीना, थाना फतेहगढ़ कोतवाली, फर्रुखाबाद के साथ हुई थी। 2 दिसंबर 2022 को हुईं शादी में उनके पिता डॉ अशोक पाण्डेय द्वारा करीब 50 लाख रुपये खर्च किए गए थे। जिसमें दहेज स्वरूप हिंदू के भाई अतुल पांडे ने डॉक्टर राकेश तिवारी को 16 लख रुपए अकाउंट में ट्रांसफर किए थे बकाया शादी के दौरान कैश दिए थे।
आरोप है कि शादी के बाद से ही पति राहुल, ससुर डॉ राकेश कुमार तिवारी, सास रतना तिवारी, देवर डॉ रोहित तिवारी और देवरानी डॉ आकांक्षा त्रिपाठी द्वारा अतिरिक्त दहेज में 50 लाख रुपये की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर पीड़िता को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और मारपीट की गई।
पीड़िता के अनुसार, जून 2023 में पति राहुल का एक्सीडेंट हो गया था, जिसके इलाज के दौरान भी उसके पिता से रुपये लिए गए। इसी बीच देवर डॉ रोहित तिवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़िता ने बताया कि उसने जबरन छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें कीं तथा जान से मारने की धमकी दी। शिकायत करने पर ससुराल पक्ष ने उसे चुप रहने को कहा।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि नवंबर 2025 में गर्भवती होने के बाद ससुराल पक्ष ने गर्भ गिराने के लिए दवाएं दीं। जब गर्भपात नहीं हुआ तो उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने मायके आ गई, जहां से उसने पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी।
मामले में पुलिस ने आरोपी पति राहुल तिवारी, ससुर रोकेश कुमार तिवारी, सास रतना तिवारी, देवर रोहित तिवारी और देवरानी आकांक्षा त्रिपाठी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता हिंदू ने बताया कि 12 मार्च 2026 को भाई जब अपने ससुराल आए तो उसे यहां पर जमकर परेशान किया मारपीट की गई उसे खाने को नहीं दिया गया शौचालय को भी ब्लॉक कर दिया गया जबकि वह पांच माह की गर्भवती है और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए डॉक्टर राकेश तिवारी ने उसके विरुद्ध झूठा मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया,उसके पास सभी साक्ष्य हैं जिन्हें वह मुकदमे और न्यायालय में प्रस्तुत करेगी इसके अलावा कुछ ऐसे भी साक्ष्य हैं जिनके सामने आने के बाद डॉक्टर राकेश तिवारी और उनका पूरा परिवार समाज को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगा।
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