बरेली| शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक हुई बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के अनुसार पंजाब और हरियाणा क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से बादल छाए हुए हैं और शनिवार को भी गरज-चमक के साथ तेज हवा और बारिश की संभावना जताई गई है। उन्होंने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
बारिश का असर बदायूं में भी देखने को मिला, जहां हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया, लेकिन सड़कों पर फिसलन और कीचड़ के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं पीलीभीत में तेज हवा और बूंदाबांदी ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को गिरने का खतरा बढ़ा दिया है।
लखीमपुर खीरी में भी मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। यहां कई स्थानों पर हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे सरसों, गेहूं, अरहर, मसूर, चना और आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर मौसम ऐसा ही बना रहा तो फसलों को भारी क्षति हो सकती है।
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने पूरे तराई क्षेत्र में चिंता का माहौल बना दिया है। खासकर गेहूं और सरसों की तैयार फसल पर खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।


