शाहजहांपुर। जनपद में ड्रग विभाग से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसमें मेडिकल स्टोर का लाइसेंस बनवाने के लिए ड्रग इंस्पेक्टर पर दबाव बनाने और कथित तौर पर धमकी देने का आरोप लगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ड्रग इंस्पेक्टर शालिनी मित्रा ने बताया कि मेडिकल स्टोर लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और यह शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत ही संपन्न की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज सही और समय पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, कुछ लोग बैक डेट के दस्तावेज लगाकर नियमों के विपरीत तरीके से लाइसेंस बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे विभाग द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इसी क्रम में जलालाबाद में बालाजी कंस्ट्रक्शन के मालिक द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से लाइसेंस रजिस्ट्रेशन को लेकर लगातार दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया कि ड्रग इंस्पेक्टर ने संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट रूप से जवाब दिया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा।
आरोप है कि इस पर नाराज होकर उक्त व्यक्ति ने कथित रूप से धमकी भरे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि यदि उसका लाइसेंस नहीं बना तो वह तीन दिन के भीतर “औकात दिखा देगा”।
इस घटना के बाद विभागीय अधिकारियों में हलचल मच गई है। सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। यह घटना सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों पर दबाव बनाकर नियमों को दरकिनार करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है कि मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।


