पुराने फोन से आधार, पैन और बैंक डिटेल्स बेचने वाला गिरोह पकड़ा, बिहार के तस्कर भी शामिल
मिर्जापुर। जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए ठगों को डेटा सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई को बड़ी सफलता मानते हुए पुलिस टीम को नकद इनाम से सम्मानित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य पुराने मोबाइल फोन खरीदकर उनसे डेटा रिकवर करते थे और फिर उस डेटा को साइबर ठगों को बेच देते थे। इन मोबाइल से फोन नंबर, आधार, पैन और बैंक डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी निकाली जाती थी, जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 11 हजार से ज्यादा पुराने मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है। जांच में सामने आया है कि गिरोह में बिहार के कई तस्कर भी शामिल थे, जो डेटा की सप्लाई चेन का हिस्सा थे।
खुलासे के बाद प्रदेश के डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारी राजीव कृष्णा द्वारा पुलिस टीम को 1-1 लाख रुपये का नगद इनाम दिया गया है। यह कार्रवाई लालगंज पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह को डेटा के बदले ठगों से मोटी रकम मिलती थी। एक आरोपी के बैंक खाते में पिछले दो वर्षों में करीब 45 लाख रुपये का लेन-देन पाया गया है, जबकि वह खुद को मजदूर बताता था।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।


