लखनऊ
दारुल सफा के ए ब्लॉक स्थित भोजनालय में इन दिनों गैस की कमी का असर साफ नजर आ रहा है। विधायकों के लिए भोजन तैयार करने में अब पारंपरिक गैस चूल्हों की जगह इलेक्ट्रिक हीटर का सहारा लिया जा रहा है।
भोजनालय के कर्मचारियों के अनुसार, गैस सिलेंडर न मिलने के कारण खाना बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। पहले जहां भोजन तैयार करने में करीब दो घंटे का समय लगता था, अब वही खाना पकाने में तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं।
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि समय बढ़ने के बावजूद खाने की गुणवत्ता और स्वाद में कोई कमी नहीं आई है। सभी व्यंजन पहले की तरह ही तैयार किए जा रहे हैं, जिससे विधायकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
गैस आपूर्ति बाधित होने से रसोई संचालन में दिक्कतें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए काम को सुचारु रूप से चलाया जा रहा है। कर्मचारी सीमित संसाधनों में भी समय पर भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।
इस स्थिति ने यह जरूर दिखाया है कि व्यवस्था में बदलाव के बावजूद काम को जारी रखा जा सकता है, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त समय और मेहनत की जरूरत पड़ रही है।


