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Wednesday, March 18, 2026

यूजीसी मामले में सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद, 22 मार्च को गोरखपुर में होगा सामूहिक निर्णय: कुंवर हरिवंश सिंह

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– अवसरवादी राजनीति पर साधा , क्रीमी लेयर और आरक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुम्बई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने संगठन की समीक्षा बैठक के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूजीसी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से देश के सवर्ण समाज को न्याय की उम्मीद है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों से लंबित मांगों पर सरकारों ने गंभीरता नहीं दिखाई, बल्कि कोर्ट के निर्देशों की भी अनदेखी की जाती रही है। “नई-नई नीतियां थोपकर वास्तविक मुद्दों को दबाया जा रहा है,” उन्होंने आरोप लगाया।
राजनीति में अवसरवाद हावी: हरिवंश सिंह
कुंवर हरिवंश सिंह ने कहा कि आज देश की राजनीति में वोट बैंक की राजनीति और अवसरवाद चरम पर है।
उन्होंने कहा
“कुर्सी पाने के लिए नेता चोला बदल रहे हैं, जिससे न्याय की उम्मीद कमजोर होती जा रही है।”
क्रीमी लेयर और रोहिणी आयोग पर उठाए सवाल
उन्होंने आरक्षण व्यवस्था में क्रीमी लेयर को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट बार-बार निर्देश देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस अमल नहीं होता।
साथ ही उन्होंने जस्टिस रोहिणी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक न किए जाने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि
“इतना महत्वपूर्ण विषय होने के बावजूद रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है।”
कुंवर हरिवंश सिंह ने घोषणा की कि 22 मार्च को गोरखपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संगठन के लोग सामूहिक रूप से आगे की रणनीति तय करेंगे।
समानता के अधिकार पर जोर
उन्होंने कहा कि संविधान में सभी को समानता का अधिकार दिया गया है और इसे सुनिश्चित करना सरकार और न्यायपालिका दोनों की जिम्मेदारी है।
“हम उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में ठोस निर्देश जारी करेगा और न्याय सुनिश्चित होगा,” उन्होंने कहा।

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