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Wednesday, March 18, 2026

नेपाल हेलीकॉप्टर हादसा: तेज हवाओं के बीच लैंडिंग के दौरान बिगड़ा संतुलन

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– खोटांग में क्रैश हुआ एयर डायनेस्टी का 9N-AFQ—काठमांडू से शव लेकर पहुंचा था विमान, 6 लोग थे सवार

काठमांडू। नेपाल के पूर्वी हिस्से में स्थित खोटांग जिला से बुधवार को एक बड़ी खबर सामने आई, जहां लैंडिंग के दौरान एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और प्रशासन को कुछ समय के लिए चिंता में डाल दिया, हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।

बताया जा रहा है कि यह हेलीकॉप्टर काठमांडू से उड़ान भरकर खोटांग पहुंचा था। हेलीकॉप्टर एक शव को लेकर वहां जा रहा था और निर्धारित स्थान पर उतरने की प्रक्रिया में था, तभी यह हादसा हुआ।

हादसे के समय हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक यात्री को हल्की चोटें आई हैं, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 11 बजकर 51 मिनट पर हुआ। हेलीकॉप्टर लैंडिंग के अंतिम चरण में था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन से टकरा गया।

यह हेलीकॉप्टर एयर डायनेस्टी कंपनी का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 9N-AFQ बताया गया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पायलट और बाकी सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

खोटांग की मुख्य जिला अधिकारी रेखा कंडेल ने मीडिया को बताया कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लैंडिंग के समय इलाके में तेज हवा चल रही थी। हवा के साथ उठ रही धूल और कम दृश्यता ने पायलट के लिए लैंडिंग को कठिन बना दिया था।

बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर को पायलट सबिन थापा उड़ा रहे थे। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तेजी से राहत और बचाव कार्य शुरू किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

घायल यात्री को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है और उसे कोई गंभीर खतरा नहीं है।

रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए कंपनी की ओर से एक दूसरा हेलीकॉप्टर भी भेजा गया, जिसकी मदद से बाकी यात्रियों और पायलट को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के समय तेज हवा के साथ धूल का गुबार उठ रहा था, जिससे कुछ समय के लिए आसपास का दृश्य पूरी तरह धुंधला हो गया था।

इस घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके में उड़ानों और लैंडिंग को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल इस हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना का मुख्य कारण खराब मौसम था या किसी प्रकार की तकनीकी खामी भी इसमें शामिल थी।

इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हवाई संचालन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है, जहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां अक्सर जोखिम भरी साबित होती हैं।

हालांकि समय रहते किए गए बचाव कार्य और पायलट की सूझबूझ के चलते इस हादसे में बड़ा नुकसान होने से टल गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।

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