केन्या। राजधानी नैरोबी में महिला कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदम उठाया गया है। यहां की काउंटी सरकार ने महिलाओं को हर महीने दो दिन की ‘मेंस्ट्रुअल लीव’ (मासिक धर्म अवकाश) देने की नीति लागू की है, जो अब चर्चा का विषय बन गई है।
यह फैसला जॉनसन सकाजा के नेतृत्व में लिया गया। बताया जा रहा है कि इस नीति की शुरुआत एक साधारण लेकिन संवेदनशील चर्चा से हुई, जब गवर्नर और उनके मंत्रियों ने एक महिला सहकर्मी के पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और दिक्कतों पर बातचीत की।
इस बातचीत के बाद यह महसूस किया गया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने और उनका समर्थन करने की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ यह नीति तैयार की गई और दिसंबर 2025 से इसे लागू कर दिया गया।
नई नीति के तहत नैरोबी काउंटी सरकार की महिला कर्मचारियों को हर महीने दो दिन की छुट्टी मिलेगी, ताकि वे पीरियड्स के दौरान होने वाली शारीरिक परेशानी और असुविधा से राहत पा सकें। इस कदम का उद्देश्य सिर्फ छुट्टी देना नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और कार्यक्षमता को बढ़ाना है।
गवर्नर सकाजा ने बताया कि काउंटी सरकार में करीब 18,000 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी किसी भी संस्था की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, इसलिए उनकी भलाई और जरूरतों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
इस पहल को न केवल स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है, बल्कि केन्या की केंद्र सरकार और अन्य काउंटी के गवर्नर भी इस मॉडल पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नीतियां कार्यस्थल को अधिक समावेशी और संवेदनशील बनाती हैं। इससे महिलाओं को बिना किसी झिझक के अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता देने का अवसर मिलता है।
हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस तरह की छुट्टियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि कार्यप्रवाह प्रभावित न हो। इसके बावजूद, यह कदम महिला अधिकारों और कार्यस्थल पर समानता की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, नैरोबी काउंटी की यह पहल दुनिया भर के देशों और संस्थानों के लिए एक उदाहरण बन सकती है, जहां महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को प्राथमिकता देने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है।


