फर्रुखाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने और गांवों को ब्लॉक, तहसील तथा जिला मुख्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को जनपद फर्रुखाबाद में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना के सफल संचालन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत, एआरएम रोडवेज राजेश कुमार सहित जनपद के बस ट्रांसपोर्टर्स मौजूद रहे।
बैठक में अधिकारियों ने योजना के प्रावधानों और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने बताया कि इस योजना के तहत चयनित बसें संबंधित ब्लॉक की ग्राम पंचायतों को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ेंगी और आगे तहसील व जिला मुख्यालय तक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार के लिए शहरों तक पहुंच आसान हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाली बसें, जिनकी पंजीयन तिथि से आयु आठ वर्ष तक है, उनका चयन किया जाएगा। इन बसों का पहला अनुबंध 10 वर्ष के लिए किया जाएगा, जिसे बाद में अधिकतम 15 वर्ष की आयु सीमा तक बढ़ाया जा सकेगा। इस योजना के अंतर्गत बसों को परमिट की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है, जिससे वाहन स्वामियों को संचालन में आसानी होगी।
एआरएम रोडवेज राजेश कुमार ने बताया कि योजना के लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये प्रति आवेदन निर्धारित किया गया है। यह शुल्क सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम, फर्रुखाबाद के नाम से पंजाब नेशनल बैंक, शाखा फतेहगढ़ के खाते में जमा कराया जाएगा। आवेदन पत्र एआरएम कार्यालय से प्राप्त कर विधिवत भरने के बाद उसी कार्यालय में जमा करना होगा। चयनित बस के लिए वाहन स्वामी को 5000 रुपये की प्रतिभूति धनराशि जमा कराना भी अनिवार्य होगा।
योजना के तहत बस का चालक और परिचालक वाहन स्वामी द्वारा ही नियुक्त किए जाएंगे तथा टिकट की धनराशि वसूलने का अधिकार भी उन्हीं के पास रहेगा। हालांकि बसों का संचालन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के संरक्षण और नियंत्रण में होगा, जिसके लिए वाहन स्वामी को प्रति बस 1500 रुपये मासिक संरक्षण शुल्क निगम को देना होगा। साथ ही बस की फिटनेस, टैक्स भुगतान, चालक और परिचालक के लाइसेंस की वैधता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी वाहन स्वामी की ही होगी। दुर्घटना की स्थिति में समस्त दायित्व वाहन स्वामी पर रहेगा।
अधिकारियों ने बताया कि बसों के किराये का निर्धारण स्थानीय मांग और दूरी के आधार पर वाहन स्वामी स्वयं कर सकेंगे, लेकिन यह किराया राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा तय अधिकतम दर से अधिक नहीं होगा। वर्तमान में परिवहन प्राधिकरण ने बस किराया 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया हुआ है।
बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत फिलहाल जनपद में 15 मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें आवश्यकता और मांग के आधार पर आगे बढ़ाया भी जा सकता है। योजना के तहत अंतिम चयन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और एआरएम रोडवेज की संयुक्त समिति द्वारा किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने इच्छुक बस संचालकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए 28 मार्च 2026 तक आवेदन अवश्य कर दें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके और गांवों को मुख्य मार्गों से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके।


