बाराबंकी। भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद रावण ने बाराबंकी में आयोजित एक जनसभा के दौरान तीखा बयान देते हुए कहा, “हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इसे लेकर कई संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि सभा से पहले ही करनी सेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम का विरोध किया था। विरोध के बीच मंच से बोलते हुए चंद्रशेखर ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि दलित समाज अब अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहा है और किसी भी तरह की धमकी से डरने वाला नहीं है।
चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने भाषण में सामाजिक न्याय और अधिकारों की बात करते हुए कहा कि दलित, पिछड़े और वंचित समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी समुदाय के सम्मान पर हमला होगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा।
बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल
सभा में दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे जोशीला और आक्रामक राजनीतिक बयान बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष इसे उत्तेजक भाषा करार दे रहा है।
फिलहाल इस बयान को लेकर बाराबंकी और आसपास के जिलों में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और सोशल मीडिया पर भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
“हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी”: चंद्रशेखर


