लखनऊ: उत्तर प्रदेश में संचालित सर्वोदय विद्यालयों में नए शिक्षा सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में कक्षा 6 से 9 तक प्रवेश के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार यह परीक्षा 15 मार्च और 22 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी।
राज्य के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हों तथा समय से अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश भर में संचालित सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2026–27 के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। कक्षा 6, 7, 8 और 9 में खाली सीटों को भरने के लिए यह प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इन कक्षाओं में कुल 10,790 सीटें खाली हैं। इनमें बालक वर्ग के लिए 7,452 सीटें और बालिका वर्ग के लिए 3,338 सीटें निर्धारित हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए इस वर्ष विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश भर से कुल 68,780 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें 44,743 आवेदन बालक वर्ग से और 24,037 आवेदन बालिका वर्ग से प्राप्त हुए हैं। सभी अभ्यर्थियों का चयन लिखित प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा परिणाम के बाद मेरिट सूची तैयार कर योग्य छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सर्वोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के अलग-अलग जिलों में ऐसे 103 आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को रहने, खाने और पढ़ाई की व्यवस्था एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाती है।
इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यार्थियों को स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, खेलकूद की सुविधाएं और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया जाता है। साथ ही व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
इसके अलावा इन विद्यालयों में उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। छात्रों को इंजीनियरिंग और चिकित्सा क्षेत्र की परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि सर्वोदय विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान करना है। प्रवेश परीक्षा के माध्यम से योग्य छात्रों का चयन कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाता है, जिससे वे भविष्य में उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
समाज कल्याण विभाग ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित सभी निर्देशों का पालन करें और समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।


