हरदोई: मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सान्या छाबड़ा ने कछौना विकासखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई योजनाओं और अभिलेखों में अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को 90 दिन का रोजगार न दिए जाने का मामला सामने आया। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में पाया गया कि योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया था। इस पर सीडीओ ने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अनुज श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करने और पटल सहायक राज बहादुर को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। साथ ही खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया गया कि 31 मार्च तक सभी पूर्ण आवासों के लाभार्थियों को 90 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान शिकायत पटल, स्थापना पटल और लेखा पटल की भी जांच की गई। वित्तीय पंजिकाओं में कई प्रविष्टियों पर ब्लॉक प्रमुख के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिसे गंभीर अनियमितता माना गया। इस पर लेखाकार राकेश कुमार श्रीवास्तव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और खंड विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद सीडीओ ने राजकीय पशु चिकित्सालय कछौना का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां दवाओं की प्राप्ति की प्रविष्टि स्टॉक रजिस्टर में दर्ज नहीं मिली। इस पर नाराजगी जताते हुए फार्मासिस्ट अशोक कुमार का वेतन रोकने और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


