फर्रुखाबाद/खड़गपुर। युवा कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री की दो काव्य पुस्तकों “मैं बंदिशों को तोड़ के आगे निकल गया” और “कुछ बातें कुछ मुलाकातें” का भव्य विमोचन देश के प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी खड़गपुर में किया गया। यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें साहित्य और शिक्षा जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।
इस अवसर पर राजभाषा विभाग के प्रकोष्ठ अधिकारी डॉ. राजीव रावत, प्रसिद्ध शायर प्रो. वसीम बरेलवी, साहित्यकार विष्णु विराट, केशव आयुष और अमितेश सहित कई विद्वानों के करकमलों से पुस्तकों का विमोचन हुआ। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हिंदी भाषा और साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा रचनाकारों के प्रयास से हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविताएं समाज की संवेदनाओं, अनुभवों और जीवन के विविध रंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
पुस्तक “मैं बंदिशों को तोड़ के आगे निकल गया” में जीवन संघर्ष, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा से जुड़ी कविताएं शामिल हैं, जबकि “कुछ बातें कुछ मुलाकातें” में मानवीय संबंधों, भावनाओं और जीवन के अनुभवों को शब्दों में पिरोया गया है।
इस अवसर पर उपस्थित साहित्य प्रेमियों और विद्यार्थियों ने भी पुस्तकों में व्यक्त विचारों की सराहना की और युवा कवि को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में कवि उत्कर्ष अग्निहोत्री ने सभी अतिथियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।


