कतर। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच कतर ने साफ शब्दों में कहा है कि मौजूदा हालात में वह ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं है। कतर सरकार का कहना है कि जब देश खुद हमलों की आशंका और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब किसी तीसरे पक्ष के विवाद में मध्यस्थता करना संभव नहीं है।
कतर के विदेश मामलों के राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलैफी ने एक साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में कतर की प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा और देश की स्थिरता बनाए रखना है।
अल-खुलैफी ने कहा कि कतर और ओमान लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संवाद स्थापित करने के प्रयास करते रहे हैं। इन कोशिशों का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव को कम करना और बातचीत के जरिए समाधान की राह निकालना था।
उन्होंने कहा कि कतर ने हमेशा कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा दिया है और संघर्ष की बजाय वार्ता के रास्ते को बेहतर माना है। लेकिन मौजूदा हालात में जब देश पर हमलों का खतरा मंडरा रहा हो, तब इस तरह की जिम्मेदारी निभाना बेहद कठिन हो जाता है।
कतर के मंत्री ने यह भी कहा कि ईरान को यह समझने की आवश्यकता है कि खाड़ी क्षेत्र के देश उसके दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्रीय देशों के साथ टकराव की स्थिति पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने कहा कि कतर क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है और किसी भी प्रकार के सैन्य टकराव से बचने के पक्ष में है। लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने पूरे क्षेत्र में असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
इसी बीच कतर ने बुधवार सुबह अपने नागरिकों को संभावित ईरानी हमले को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। सरकार ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
समाचार एजेंसी के अनुसार राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। बताया गया कि हवाई सुरक्षा प्रणाली ने शहर के ऊपर आने वाली संभावित मिसाइलों को रोकने के लिए कार्रवाई की।
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है और राजधानी के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दो ड्रोन मार गिराए जाने की घटना सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों ने एयरपोर्ट के आसपास उड़ रहे इन ड्रोन को तुरंत निष्क्रिय कर दिया।
बताया गया कि ड्रोन गिरने के कारण आसपास मौजूद लोगों को चोटें आईं, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि कुल चार लोग घायल हुए हैं और सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


