कानपुर में महिलाएं अब केवल घर-गृहस्थी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि तेजी से उद्योग और व्यवसाय की ओर कदम बढ़ा रही हैं। शहर में पहली बार महिला उद्यमियों के पंजीकरण की संख्या 10 हजार के पार पहुंच गई है। उद्योग विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में सात मार्च तक 10,047 महिलाओं ने उद्यम पंजीकरण कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 8,755 थी। खास बात यह है कि उत्पादन इकाइयों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। पिछले वर्ष जहां 2,292 उत्पादन इकाइयों का पंजीकरण हुआ था, वहीं इस वर्ष अब तक 3,022 इकाइयां पंजीकृत हो चुकी हैं।
महिलाओं को सबसे ज्यादा रुचि खाद्य उत्पादों के उद्योग में दिखाई दे रही है। इस वर्ष अब तक 882 खाद्य उत्पाद इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 798 थी। इसके अलावा रेडीमेड कपड़ों के कारोबार में भी महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और अब तक 673 इकाइयों का गठन हो चुका है। साथ ही होजरी और चमड़ा उद्योग में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार महिला उद्यमिता में पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 3,145 महिलाओं ने उद्यम पंजीकरण कराया था, जो 2022-23 में बढ़कर 5,305 हो गया। इसके बाद 2023-24 में 8,726 और 2024-25 में 8,755 पंजीकरण हुए। अब 2025-26 में यह आंकड़ा 10 हजार के पार पहुंच गया है, जो शहर में बढ़ती महिला उद्यमिता का संकेत है।
उद्योग विभाग के उपायुक्त अंजनीश प्रताप सिंह के अनुसार महिलाओं को उत्पादन, सेवा और ट्रेडिंग क्षेत्र में लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार की योजनाओं के तहत महिला उद्यमियों को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। जैसे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में महिलाओं को उनकी श्रेणी के अनुसार 25 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा उन्हें ऑनलाइन बिक्री और मार्केटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं।


