महिला दिवस पर बेटियों के सशक्तिकरण और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय बढ़ाने की घोषणा
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बेटी किसी पर निर्भर न रहे और उसे जन्म से ही सुरक्षा तथा आर्थिक सहयोग मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटी के जन्म के साथ ही उसका नाम सरकारी रजिस्टर में दर्ज होते ही उसके खाते में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रम विभाग में नियोजित 10 बेटियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिले हैं और वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं का यह स्वर्ण जयंती वर्ष है और सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान का सम्मान करते हुए उनके मानदेय में बढ़ोतरी करने जा रही है।
उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली को “फाइव टी” (5T) सिद्धांत—ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन—पर आधारित बताते हुए कहा कि इन सिद्धांतों के माध्यम से विकास और सुशासन को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “नारी सुरक्षित है तो समाज सुरक्षित है”। यदि बेटियां सुरक्षित और सशक्त होंगी तो उत्तर प्रदेश का हर नागरिक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेगा। उन्होंने महिलाओं को समाज और राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला बताते हुए उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
“बेटी किसी पर निर्भर नहीं रहेगी” : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ


