हल्द्वानी: उत्तराखंड पुलिस ने नैनीताल (Nainital) जिले में एक महिला पर्यटक के साथ कथित तौर पर बलात्कार और लूटपाट (raping and attempting to rob) के प्रयास के आरोप में एक टैक्सी चालक को 10 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कथित तौर पर पीड़िता को एक सुनसान सड़क पर ले गया, उसके साथ मारपीट की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसे पकड़ लिया। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजुनाथ टीसी ने बताया कि यह घटना 5 मार्च, 2026 को हुई, जब दिल्ली से आ रही एक महिला पर्यटक देहरादून होते हुए बस से हल्द्वानी पहुंची। हल्द्वानी से उसने काठगोदाम तक ऑटो रिक्शा लिया और फिर नैनीताल जाने के लिए टैक्सी किराए पर ली।
पुलिस ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे वलदियाखन के पास, टैक्सी चालक ने नैनीताल जाने के बजाय पटवाडांगर के पास एक सुनसान सड़क की ओर गाड़ी मोड़ दी। जब महिला ने विरोध किया, तो चालक ने कथित तौर पर उस पर हमला किया और बलात्कार का प्रयास किया। आरोपी ने घटना की जानकारी किसी को न देने के लिए उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया।
पीड़िता के बयान के अनुसार, शोर मचाने के बाद चालक भाग गया। इसके बाद महिला पास के जंगल में भाग गई और पूरी रात वहीं बिताई। 6 मार्च की सुबह, पीड़िता ने स्थानीय लोगों से मदद मांगी और पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, घटनास्थल को सुरक्षित किया और सबूत इकट्ठा करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर, तल्लीताल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 309(6) और 137 के तहत मामला दर्ज किया गया। एसएसपी मंजुनाथ टीसी के निर्देशानुसार, आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई।
जांचकर्ताओं ने आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज की जांच की और वाहन संख्या UK04TB 5500 (वैगनआर) की पहचान की। जीपीएस डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग करते हुए, पुलिस ने भवाली रोड के पाइंस इलाके से आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान दीपक सिंह बोरा (39) के रूप में हुई है, जो नैनीताल जिले के मुखानी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गुजराउदा फतेहपुर का निवासी है। पुलिस ने पीड़ित के कबूलनामे के आधार पर उसका चोरी हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया है और अपराध में इस्तेमाल किया गया वाहन जब्त कर लिया है। एसपी मंजुनाथ टीसी ने कहा कि पर्यटकों और महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


