इटावा: थाना क्षेत्र के टकरूपुर स्थित यमुना नदी घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले में 10 से अधिक लोग घायल हो गए। हमले के बाद मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। बाद में मधुमक्खियों के शांत होने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
जानकारी के अनुसार बकेवर क्षेत्र के ग्राम नागरी लोलपुर निवासी आशीष तिवारी ने बताया कि उनके 80 वर्षीय ताऊ सुरेंद्र तिवारी का निधन हो गया था। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार करने के लिए गांव के करीब सौ लोग टकरूपुर स्थित यमुना घाट पर पहुंचे थे। घाट पर सभी लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे और शव का दाह संस्कार करने की व्यवस्था की जा रही थी।
बताया गया कि घाट के पास बने पुल पर मधुमक्खियों का एक बड़ा छत्ता लगा हुआ है। इसी दौरान किसी कारणवश छत्ते से मधुमक्खियां अचानक झुंड के रूप में उड़ने लगीं और देखते ही देखते वहां मौजूद लोगों पर टूट पड़ीं। मधुमक्खियों के अचानक हमले से घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस हमले में विपिन तिवारी, केशव तिवारी, सोनू तिवारी, जगमोहन त्रिपाठी, आशीष तिवारी, मोनू शर्मा, लालू तिवारी, मनोज तिवारी और धन्नू चौबे निवासी ग्राम नागरी लोलपुर थाना बकेवर समेत 10 से अधिक लोग मधुमक्खियों के काटने से घायल हो गए। कई लोगों के शरीर पर मधुमक्खियों के डंक लगने से सूजन और जलन की शिकायत भी हुई।
मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह घायल लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार कराया। कुछ देर बाद जब मधुमक्खियां शांत हो गईं तो वहां मौजूद लोगों ने दोबारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की और दिवंगत सुरेंद्र तिवारी का दाह संस्कार पूरा किया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से घाट के आसपास लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटवाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और घाट पर आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


