सगे चाचा की बेटी राधिका की सरकार ने की सुनवाई, चाचा कौशल किशोर और चाची कृष्णा देवी की गोलियों से भून की थी निर्मम हत्या
यूथ इंडिया संवाददाता
मैनपुरी, फर्रुखाबाद। पडोसी जनपद मैनपुरी के वेवर थाना स्थित गांव नवीगंज में वर्ष २००५ में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में पुर्नविवेचना के आदेश दिये गये है। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस के आलाधिकारियों ने दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू करने की स्वीकृति दे दी है। यह फैसला मृतक दंपत्ति की बेटी राधिका पत्नी सौरभ मिश्रा की गुहार के बाद हुआ है।
घटना ६ अगस्त २००५ की है जब नवीगंज निवासी और माफिया अनुपम दुबे पुत्र स्व० महेश चन्द्र के सगे चाचा कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में माफिया अनुपम दुबे उसके भाई अनुराग दुबे डब्बन साथी कर्नलगंज कोतवाली फतेहगढ निवासी बॉबी जाटव गांव सासापुर निवासी सरोज शर्मा, नरेन्द्र काली व दन्नाहार मैनपुरी निवासी लालू पाण्डेय को अभियुक्त बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच की और माफिया अनुपम दुबे के प्रभाव के कारण साक्ष्य न मिलने का हवाला देते हुए ५ फरवरी २००६ में न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
करीब १९ वर्ष बाद मृतक कौशल किशोर दुबे की बेटी राधिका पत्नी सौरभ मिश्रा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और पुन: जांच की मांग की। उसने दलील दी कि घटना के समय वह व उसके भाई बहन नावालिग थे। इसलिए पहले न्याय के लिए संघर्ष नही कर सके अब वयस्क होने पर उसने मामले को फिर से उठाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मैनपुरी कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुर्नविवेचना की अनुमति दे दी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपराध कभी समाप्त नही होता और सत्य की खोज के लिए जांच अधिकारी स्वतंत्र है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ने पुर्न: विवेचना की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब नये सिरे से साक्ष्य जुटाने, पुराने गवाहों के वयान दर्ज करने और तकनीकि तथ्यों की समीक्षा की जायेगी।
पीडित परिवार को न्याय की उम्मीद जगने के बाद उनका कहना है कि इतने वर्षो बाद भी उन्हें न्याय की आस थी। पुन: जांच शुरू होने से उम्मीद जगी है कि सच्चाई सामने आयेगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
गैगस्टर एक्ट में बंद डब्बन, जल्द बी वारंट
गैगस्टर एक्ट में इन दिनों माफिया अनुपम दुबे का अपराधी भाई अनुराग दुबे डब्बन फतेहगढ जेल में बंद है। सगे चाचा चाची की हत्या के मुकदमें में पुर्न: विवेचना के आदेश के बाद पुलिस द्वारा बी वारंट लिया जाना तय है। इसके बाद माफिया और उसके भाईयों की मुश्किलें बढऩी तय है। इसके अलावा माफिया के बाहर घूम रहे गैंग पर भी कड़ी कार्यवाही के लिए पुलिस ताना बाना बुन रही है। माफिया के पैरोकारों पर शासन की फर्रूखाबाद से लेकर मैनपुरी तक नजर है। दिवंगत कौशाल किशोर दुबे के बेटे सीतू दुबे ने बताया कि उन्हें व परिवार को माफिया गैंग से लगातार खतरा है।






