लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग कर्मियों, संविदाकर्मियों और सफाईकर्मियों का वेतन होली से पहले हर हाल में जारी कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार 28 फरवरी (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया गया है, जबकि 2, 3 और 4 मार्च को होली के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि त्योहार से पहले सभी कर्मचारियों को समय से वेतन मिल सके, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस बीच राज्य सरकार ने चल-अचल संपत्ति का विवरण न देने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार 24 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत सभी राज्य कर्मचारियों को 31 जनवरी 2026 तक अपनी संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। 6 जनवरी 2026 को यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि विवरण न देने वालों का जनवरी माह का वेतन रोका जाएगा।
31 जनवरी की निर्धारित तिथि तक 47,816 कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया। सरकार ने अब 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक एक अंतिम अवसर दिया है। इस अवधि में विवरण देने पर जनवरी का वेतन जारी किया जाएगा, लेकिन इसके साथ सख्त प्रतिबंध भी लागू रहेंगे।
शासनादेश के मुताबिक ब्योरा न देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान चयन वर्ष में उनकी पदोन्नति पर विचार नहीं होगा। देय होने पर भी इस वर्ष एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति और अन्य संवेदनशील कार्यों के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस भी नहीं दी जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संपत्ति विवरण अनिवार्य है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करे।
होली से पहले वेतन भुगतान के निर्देश, संपत्ति विवरण न देने वाले 47,816 कर्मचारियों पर सख्ती


