लखनऊ। प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि आज आयोजित होने वाली बैठक में बिजली कर्मियों के आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने तथा कथित उत्पीड़न के विरोध में व्यापक रणनीति तय की जाएगी।

समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों के सरकारी आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई केवल तकनीकी सुधार का हिस्सा नहीं, बल्कि एक बड़ी योजना की प्रस्तावना है। उनका कहना है कि लखनऊ सहित कुछ चुनिंदा शहरों को फ्रेंचाइजी मॉडल पर देने की तैयारी की जा रही है, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़े और पूर्वांचल तथा दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की राह आसान हो सके।

समिति का दावा है कि जिन शहरों को फ्रेंचाइजी मॉडल पर देने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, वहां पहले ही ‘वर्टिकल व्यवस्था’ लागू कर दी गई है। इसके तहत हजारों संविदा कर्मियों को हटाया जा चुका है और नियमित कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किए गए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि इससे कर्मचारियों में असुरक्षा और असंतोष का माहौल है।

राजधानी में लेसा (लखनऊ विद्युत आपूर्ति प्रशासन) के अंतर्गत हाल में बड़ी संख्या में निलंबन और तबादलों की कार्रवाई को भी समिति ने इसी परिप्रेक्ष्य में देखा है। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच भय का वातावरण बनाना है, ताकि प्रस्तावित नीतियों का विरोध कमजोर पड़े।

होली तक नहीं बंद होगी आपूर्ति

इधर, त्योहारों को ध्यान में रखते हुए राजधानी में बिजली आपूर्ति को लेकर राहत भरा निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि होली तक सुधार कार्य के नाम पर नियमित आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही उच्च अधिकारियों की अनुमति से आपूर्ति रोकी जाएगी।

बताया गया कि गोमतीनगर स्थित विपिनखंड उपकेंद्र क्षेत्र में 25 फरवरी से 10 मार्च तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच निर्धारित अंतराल पर आपूर्ति बंद करने की जो योजना बनाई गई थी, उसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आवास स्थित हैं, जिससे निर्णय को विशेष महत्व दिया गया।

कुछ इलाकों में रहेगा आंशिक असर

हालांकि, मेंटेनेंस कार्यों के चलते शहर के कुछ हिस्सों में आंशिक बिजली संकट रह सकता है। अधिशासी अभियंता जय प्रकाश के अनुसार, होली के दौरान अतिरिक्त स्रोत से बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी के तहत गऊघाट उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर कार्य किया जाएगा। इसके कारण सज्जादबाग, काशी विहार, मल्लाहीटोला और दौलतगंज क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी।

इसी प्रकार कपूरथला उपकेंद्र के एलडीए मार्केट के आसपास दोपहर 12 बजे के बाद कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति रोकी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवधान सीमित अवधि का होगा और उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।

बिजली कर्मियों की प्रस्तावित बैठक और प्रबंधन के निर्णयों के बीच टकराव की स्थिति ने ऊर्जा क्षेत्र में नई बहस को जन्म दे दिया है। अब सबकी नजर 26 फरवरी की बैठक पर टिकी है, जहां आगे की रणनीति और संभावित आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।

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