झांसी: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर (Jhansi University campus) में स्थित अपने आवास पर आज सुबह एक दंत चिकित्सक ने आत्महत्या (suicide) कर ली। मृतक डॉ. नीरज कुरिल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बच्चों के घर से चले जाने के बाद छत के पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खबरों के अनुसार, डॉ. कुरिल ने सुबह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नाश्ता किया था। बच्चों के सुबह करीब 9 बजे स्कूल जाने के बाद उनकी पत्नी, प्रोफेसर राधिका चौधरी भी विश्वविद्यालय में अपने काम पर चली गईं। घटना के समय डॉ. कुरिल घर पर अकेले थे।
मामले का पता तब चला जब घरेलू सहायिका काम पर आई और बार-बार गेट खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित पड़ोसियों ने इकट्ठा होकर फोन पर उनकी पत्नी प्रोफेसर चौधरी को सूचना दी। उनके पहुंचने पर, मुख्य द्वार की लोहे की ग्रिल कटी हुई थी क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद था। जब वह घर में दाखिल हुईं, तो उन्होंने अपने पति को छत के पंखे से लटका हुआ पाया। यह दृश्य देखकर वह सदमे में आ गईं और बेहोश हो गईं।
पड़ोसियों से सूचना मिलने पर नवाबाद पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि डॉ. कुरिल कुछ समय से लीवर संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे। आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है। प्रोफेसर चौधरी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में कार्यरत थे और उन्हें 2017 में विश्वविद्यालय आवास आवंटित किया गया था।
उनका परिवार विश्वविद्यालय परिसर के ई-ब्लॉक के ई-4 फ्लैट में अपने दो बच्चों (उम्र 14 और 10 वर्ष) के साथ रह रहा था। डॉ. कुरिल झांसी मेडिकल कॉलेज के पास शालू डेंटल क्लिनिक चलाते थे। इस दुखद घटना से परिवार, रिश्तेदार और विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य गहरे सदमे में हैं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।


