फर्रुखाबाद: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (Kasturba Gandhi Girls Schools) को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच रविवार को जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशुतोष कुमार द्विवेदी ने नवाबगंज स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नवाबगंज का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सुनील कुमार पर कस्तूरबा विद्यालयों में वित्तीय अनियमितता और खरीद प्रक्रियाओं में हेरफेर के गंभीर आरोप पहले से चर्चा में हैं। ऐसे समय में डीएम की सख्ती ने साफ संकेत दे दिया है कि गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता स्वयं जांची। भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार पाया गया, जिस पर उन्होंने संतोष जताया। इसके बाद उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनके पठन-पाठन की स्थिति जानी और उनसे कविताएं भी सुनीं। छात्राओं का आत्मविश्वास और शैक्षणिक स्तर देखकर डीएम ने शिक्षकों को प्रोत्साहित किया, लेकिन साथ ही व्यवस्थागत कमियों पर तीखी नाराज़गी भी जताई।
विद्यालय परिसर में जर्जर फर्नीचर, खराब नल और फ्लश तथा भवन के पिछले हिस्से में गंदगी मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल मरम्मत और सफाई के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। जनपद में यह भी चर्चा तेज है कि कस्तूरबा विद्यालयों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बाजार मूल्य से अधिक दरों पर खरीदे गए हैं। यदि यह आरोप सही पाए गए तो यह न केवल वित्तीय अनियमितता बल्कि बालिका शिक्षा योजनाओं की मूल भावना के साथ विश्वासघात होगा।
डीएम की सक्रियता से यह उम्मीद जगी है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है। निरीक्षण के दौरान नवाबगंज के खंड विकास अधिकारी अमरेश चौहान भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की कार्यशैली ने एक बार फिर साबित किया कि जनपद में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। बालिका शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही अब छिप नहीं सकेगी।


