– वृंदावन स्थित आश्रम की कथित फर्जी वसीयत और अवैध कब्जे के मामले
प्रयागराज: वृंदावन स्थित सुविख्यात आश्रम मानव सेवा संघ की कथित फर्जी वसीयत तैयार कर अवैध कब्जा कराने और भूमाफियाओं (land mafia) को संरक्षण देने के आरोपों से जुड़ी याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (High Court) में सोमवार को सुनवाई निर्धारित है।
यह याचिका सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर द्वारा दायर की गई है, जिसमें प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आश्रम की संपत्ति पर कथित अवैध कब्जा करने वाले व्यक्तियों की गिरफ्तारी की भी मांग की गई है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि मंत्री अपने पद के प्रभाव का उपयोग कर विशेष जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि मामले की सुनवाई में देरी कराने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, वित्त मंत्री की ओर से हाईकोर्ट में काउंटर दाखिल किया गया है, जिसमें आरोपों का खंडन करते हुए याचिका को विलंब से दायर बताया गया है और उसे खारिज करने का अनुरोध किया गया है।
हाईकोर्ट ने जारी किया था नोटिस
मामले में पूर्व में उच्च न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए वित्त मंत्री एवं अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था। अब मंत्री द्वारा दाखिल काउंटर पर न्यायालय की आगे की कार्यवाही सोमवार को तय होगी। याचिकाकर्ता कौशल किशोर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उन्हें पूर्व में जान से मारने की धमकी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अधिकारियों के माध्यम से संतों को प्रताड़ित और भयभीत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से अलग से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब इस पूरे प्रकरण में न्यायालय द्वारा जारी नोटिस के जवाब और प्रस्तुत काउंटर पर क्या रुख अपनाया जाता है, यह सोमवार की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा। मामला संवेदनशील धार्मिक संस्था और मंत्री स्तर के आरोपों से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


