फर्रुखाबाद| बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के निकट दशकों पूर्व शिक्षकों द्वारा चंदा एकत्र कर निर्मित शिक्षक भवन को लेकर इन दिनों जनपद में असंतोष का माहौल है। यह भवन मूल रूप से शिक्षकों की समस्याओं पर बैठक, शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन के उद्देश्य से बनाया गया था, किंतु वर्तमान में इसके उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संगठन के नाम पर कुछ पदाधिकारियों द्वारा भवन पर कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि शिक्षक हितों के लिए निर्मित इस परिसर का उपयोग निजी कार्यक्रमों, बारात ठहराने और अन्य प्राइवेट आयोजनों के लिए किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इन कार्यक्रमों के लिए किराया वसूला जा रहा है, जिसे लेकर शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
नाम न छापने की शर्त पर कई शिक्षकों ने बताया कि भवन के उपयोग से संबंधित नियमों को दरकिनार कर अवैध वसूली की जा रही है और प्राप्त धनराशि का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया जाता। उनका कहना है कि यह भवन शिक्षकों की सामूहिक संपत्ति है, जिसका निजी लाभ के लिए इस्तेमाल संगठन की मूल भावना के विपरीत है।
बताया गया कि बीते दिन परिसर में एक तिलक समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बाहरी लोगों की भारी भीड़ रही। इस आयोजन के बाद शिक्षकों के बीच चर्चा और तेज हो गई है। कई शिक्षकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर भवन के उपयोग की स्पष्ट नीति निर्धारित करने की मांग की है।
इस संबंध में सह संयोजक राज किशोर शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। मामले को लेकर संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शिक्षक भवन के दुरुपयोग को लेकर शिक्षकों में रोष, निजी कार्यक्रमों से अवैध वसूली के आरोप


