नवाबगंज। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत नगर पंचायत नवाबगंज द्वारा 39 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे पार्क की बाउंड्रीवाल बृहस्पतिवार रात भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही न सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए, बल्कि यह भी खुलासा हुआ कि जिस जमीन पर पार्क का निर्माण कराया जा रहा था, वह प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल चारागाह (चराई) की जमीन है, जहां शासन की अनुमति के बिना किसी प्रकार का निर्माण पूरी तरह वर्जित है।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत ने लगभग 42 बीघा चारागाह की भूमि में से करीब 10 बीघा हिस्से को पार्क निर्माण के लिए चिन्हित कर बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी थी। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे घटिया सामग्री और तकनीकी लापरवाही की पोल खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार में न तो मजबूत नींव डाली गई थी और न ही मानकों के अनुरूप मसाले का इस्तेमाल किया गया।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि चारागाह की भूमि राजस्व अभिलेखों में संरक्षित श्रेणी में दर्ज होती है, जिस पर बिना शासन स्तर की अनुमति निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद नगर पंचायत ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने भी इस संबंध में अपने उच्चाधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी। इससे नगर पंचायत और राजस्व विभाग की संभावित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
इस मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) प्रमोद कुमार वैस ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। यदि कार्यदायी संस्था द्वारा लापरवाही बरती गई है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और गुणवत्ता में कमी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को भी चिह्नित किया जाएगा।
वहीं जिले भर के निकायों के प्रभारी अधिकारी एवं एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि संबंधित भूमि चारागाह की है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि प्रतिबंधित जमीन पर निर्माण की अनुमति किसने दी? क्या शासन से कोई स्वीकृति ली गई थी या फिर नियमों को ताक पर रखकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया गया? 39 लाख रुपये की लागत से बनी दीवार का यूं गिर जाना न सिर्फ तकनीकी विफलता है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।
फिलहाल पूरे मामले ने नवाबगंज में हलचल मचा दी है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






