फर्रुखाबाद । जनवादी लेखक संघ के तत्वावधान में गांधी प्रतिमा के समक्ष टाउनहाल परिसर में चिंतक हरिनंदन यादव की अध्यक्षता तथा जलेस राज्य परिषद सदस्य कवयित्री गीता भारद्वाज के संचालकत्व में ‘अंतर्राष्ट्रीय रेड बुक डे ‘ मनाया गया।
जलेस के संयोजक सुनील कुमार ने साम्राज्यवाद के दंश व इसके घिनौने चरित्र को याद करते हुये कहा कि जब पूंजीवाद इजारेदारी में बदल जाता है, पूंजी एक जगह संकेन्द्रित हो जाती है, जनता की क्रय शक्ति घट जाती है, तब माल को खपाने तथा कच्चे माल को प्राप्त करने के लिये दूसरे देशों में मंडियों की तलाश हेतु युद्ध, कूट नीति, कब्जे आदि किये जाते हैं। इसकी परिणित दो विश्वयुद्धों में देखी जा सकती है। जिसमें पूरी दुनिया से करोड़ों लोग मारे गये। आज साम्राज्यवाद का सरगना अमेरिका, नस्लवादी इजराइल के साथ मिलकर फिलिस्तीन को कुचल रहा है,ग़ज़ा को बरबाद कर दिया गया। तेल के कब्जे के लिये वेनेजुला के राष्ट्रपति का अपहरण कर लिया गया। ईरान पर हमले की तैयारी है। साम्राज्यवाद का सबसे घिनौना रूप एपिस्टिन फाइल से भी उजागर हुआ। ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को अपने चंगुल में फंसा
लिया है।
कु0 प्रियल मिश्रा ने नारी असमानता पर अपने विचार रखते हुये कहा कि इस पूंजीवादी साम्राज्यवादी व्यवस्था ने नारी को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया है, इसके विरुद्ध संघर्ष करना जरूरी है।
कु0 मुस्कान ने कहा कि हम साम्राज्यवाद व पूंजीवादी प्रवृत्तियों से तभी संघर्ष कर सकते हैं, जब हम अध्ययन करें। इसके लिये हमें अच्छी किताबों से दोस्ती करनी पड़ेगी।
कु0 अंजलि ने कहा कि जिस किताब को लेकर रेड बुक मनाया जाता है, वह कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो केवल एक किताब नहीं बल्कि हमारे संघर्षों का प्रतीक है। कार्ल मार्क्स कोई राजा न होकर साधारण थे, उन्होंने कहाकि दुनियां को लोगों ने समझने की कोशिश की है, अब सवाल है कि इसको बदला कैसे जाये। इसके लिये अच्छी किताबों का अध्ययन जरूरी है, तभी हम संगठित होकर पूंजीवाद व साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष कर सकेंगें।
कु0 डाली ने वसंत का स्वागत करते हुये उसकी सुदंरता,मादकता व महक का वर्णन करते हुये एक अच्छी कविता प्रस्तुत की।
जनवादी लेखक संघ के संस्थापक सदस्य, कवि, लेखक सतीश चंद्र सतीश ने आदिम युग से साम्राज्यवाद तक मानव विकास की यात्रा के साथ-साथ शोषण के विभिन्न रूपों पर विस्तार से प्रकाश डाला, तथा साम्राज्यवाद के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान किया।सभा के अध्यक्ष हरिनंदन सिंह यादव ने सभी को धन्यवाद देते हुये नवोदितों की प्रशंसा की तथा संगठित होने अध्ययन करने की अपील की।
इसके अलावा गोष्ठी में सुषमा कटियार,आरती कश्यप, कंचन यादव , नरवीर सिंह, संतोष कुमार, शहबाज, राजेश आदि उपस्थित रहे।

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