लखनऊ। होली पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने पूरे प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। 19 फरवरी से 28 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के पहले दो दिनों में ही कई जिलों में बड़े पैमाने पर मिलावटी सामान पकड़ा गया है। विभाग ने निर्माण इकाइयों, री-लेबलर, पैकर, कोल्ड स्टोरेज, अस्थायी भट्टियों और संबंधित मंडियों में विशेष कार्ययोजना बनाकर छापेमारी की।
अभियान के दौरान खास तौर पर खोया, वनस्पति घी, शुद्ध घी, गुझिया (तैयार मिठाई), नमकीन, रंगीन कचरी, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की सघन जांच की गई। जांच में कई स्थानों पर मिलावट और खाद्य मानकों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद तत्काल सीज और नमूना कार्रवाई की गई।
लखनऊ में बड़ी कार्रवाई करते हुए 23,893 किलो रंगीन कचरी और हल्दी को सीज किया गया। इनकी अनुमानित कीमत 41,02,220 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 1,320 किलो खजूर मानव उपभोग के योग्य न पाए जाने पर नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2,64,000 रुपये है। जांच टीम ने 750 लीटर संदिग्ध सरसों तेल और राइस ब्रान ऑयल के नमूने भी लिए हैं, जिनमें कृत्रिम रंग और एसेंस की आशंका जताई गई है। संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कानपुर नगर में भी बड़ी छापेमारी हुई। यहां नकली घी बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठान पर कार्रवाई करते हुए करीब 54,50,000 रुपये कीमत का कुकिंग घी जब्त किया गया। एक व्यापारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अतिरिक्त जिले के अन्य प्रतिष्ठानों से 13,972 लीटर खाद्य तेल (अनुमानित कीमत 18,15,000 रुपये) सीज किया गया। साथ ही 1,380 किलो रंगीन कचरी, जिसकी कीमत करीब 87,750 रुपये है, जब्त की गई।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि होली जैसे त्योहारों पर मिठाई और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावटखोरी भी बढ़ जाती है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। अन्य जिलों में भी सघन जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता पाई जाएगी, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तत्काल विभाग को दें और खरीदारी करते समय पैकिंग, लेबल और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। त्योहार के मद्देनजर मिलावट के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा।






