संदीप सक्सेना
फर्रुखाबाद: जिले में खांसी की एक सिरप (cough syrup) में कथित तौर पर कचरा मिलने की शिकायत सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। एहतियातन कदम उठाते हुए ड्रग वेयरहाउस प्रभारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजकर डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित बैच की दवा तत्काल वापस मंगाने के निर्देश जारी किए हैं।
मामला उस समय प्रकाश में आया जब कुछ मरीजों ने ‘एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड’ खांसी की सिरप में कण/कचरा जैसा पदार्थ दिखाई देने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही महाप्रबंधक (गुणवत्ता) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और दवा की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए।
संबंधित बैच की सप्लाई पर तत्काल रोक
वेयरहाउस प्रभारी/फार्मासिस्ट द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार बैच नंबर L-2505044 (निर्माण तिथि 05/2025, एक्सपायरी 04/2027) की दवा के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और जिला अस्पताल को निर्देशित किया गया है कि उपलब्ध स्टॉक को तत्काल वेयरहाउस में वापस जमा कराया जाए।
इसके साथ ही संबंधित दवा की प्रविष्टियां पोर्टल पर दर्ज करने और वापसी की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित इकाई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अन्य जनपदों में भी सप्लाई की आशंका
सूत्रों का कहना है कि संबंधित बैच की आपूर्ति केवल फर्रुखाबाद तक सीमित नहीं हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि यह दवा अन्य जनपदों में भी भेजी गई हो। यदि जांच में गुणवत्ता संबंधी समस्या की पुष्टि होती है तो मामला व्यापक स्तर पर प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल विभाग ने एहतियातन स्टॉक वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कमालगंज सीएचसी में दवा पर रोक
कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने पुष्टि की है कि उनके केंद्र पर संबंधित खांसी की सिरप के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
सीएमओ का बयान: “सुरक्षा सर्वोपरि”
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि महाप्रबंधक (गुणवत्ता) के आदेश के अनुपालन में जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी और पीएचसी से संबंधित दवा वापस मंगाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने यह भी कहा कि फिलहाल किसी भी कफ सिरप में कचरा मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी द्वारा जारी नोटिस के तहत एहतियाती कदम के रूप में दवा को वापस मंगाया जा रहा है, ताकि किसी भी मरीज के साथ कोई अप्रिय घटना न घटे। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित बैच के नमूने जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में कितनी सच्चाई है। तब तक संबंधित दवा के उपयोग और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जिले में इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नजरें टिक गई हैं। आमजन को सलाह दी गई है कि यदि किसी को संबंधित दवा के सेवन के बाद कोई असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुभीरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।


