एटा। शहर में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जीटी रोड स्थित अंबा शक्ति सरिया प्रतिष्ठान पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान प्रतिष्ठान के मालिक को हार्ट अटैक आ गया। घटना के बाद व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया और काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सीजीएसटी की अलीगढ़ और आगरा इकाइयों की संयुक्त टीम प्रतिष्ठान पर पहुंची। टीम में दर्जनभर से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के अभिलेख, बिलिंग और लेनदेन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा और सर्वे की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान प्रतिष्ठान संचालक विजय चंद्र जैन और उनके भाई प्रभा चंद्र जैन ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे अनावश्यक उत्पीड़न बताया।
मौके पर तनाव उस समय बढ़ गया जब प्रभा चंद्र जैन ने कथित तौर पर आत्महत्या के उद्देश्य से छत से कूदने का प्रयास किया, जबकि विजय चंद्र जैन ने ट्रक के नीचे आने की कोशिश की। मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने दोनों को समय रहते रोक लिया। घटनाक्रम के तुरंत बाद विजय चंद्र जैन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। परिजन और व्यापारी उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें आगरा
रेफर कर दिया। देर शाम तक उनकी स्थिति चिंताजनक बताई गई।
घटना की सूचना फैलते ही शहर के तमाम व्यापारी मौके पर एकत्रित हो गए और कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी पहुंच गए। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता और उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अतुल राठी ने अधिकारियों से वार्ता कर परिवार की स्थिति का हवाला देते हुए सर्वे की कार्रवाई कुछ समय के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रतिष्ठान को सील कर चाबी अपने पास रख ली जाए और बाद में सामान्य स्थिति होने पर जांच पूरी की जाए, लेकिन सीजीएसटी टीम ने सर्वे जारी रखा।
व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया, जिसके बाद स्थिति कुछ नियंत्रित हुई और टीम ने दोबारा दस्तावेजों की जांच शुरू की। करीब दो घंटे तक प्रतिष्ठान के बाहर हंगामा चलता रहा। बताया गया है कि प्रभा चंद्र जैन की पत्नी कैंसर से पीड़ित हैं और शुक्रवार को दिल्ली में उनकी डायलिसिस निर्धारित थी, जो घटनाक्रम के चलते नहीं हो सकी। व्यापारियों का आरोप है कि एक ही प्रतिष्ठान पर बार-बार सर्वे की कार्रवाई से व्यापारिक माहौल प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि करीब एक माह पूर्व भी जीएसटी टीम द्वारा इसी फर्म पर सर्वे किया गया था।
समाचार लिखे जाने तक सीजीएसटी की कार्रवाई जारी थी और अधिकारी मीडिया से बातचीत के लिए तैयार नहीं थे।


