20.5 C
Lucknow
Friday, February 20, 2026

बजट पर चर्चाः सीएम योगी, आपको शिवपाल जी का श्राप न लगे, नेता प्रतिपक्ष पर सीएम योगी का कटाक्ष

Must read

माता प्रसाद पांडे पर सीएम योगी का तंज, कभी-कभी संगत का प्रभाव होता है

सीएम योगी बोले- लगता है चच्चू का प्रभाव भी आप पर आ गया है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे (Leader of Opposition Mata Prasad Pandey) पर कटाक्ष किया। उन्होंने कुछ मुद्दों पर उनके वक्तव्य को लेकर चुटीले अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया भी दी। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि माता प्रसाद पांडेय की सहजता और सरलता सभी को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि वे स्वस्थ रहें और दीर्घजीवी हों, यह उनकी व्यक्तिगत कामना है। इसी क्रम में उन्होंने विनोदपूर्ण अंदाज में कहा कि “शिवपाल जी का श्राप उन पर न लगे…” इस टिप्पणी पर सदन में हल्की मुस्कान और ठहाके भी सुनाई दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि माता प्रसाद पांडेय उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने समाजवादी आंदोलन को निकट से देखा और जिया है। उन्होंने संकेत दिया कि जेपी और लोहिया की विचारधारा से प्रभावित उस पीढ़ी का अनुभव सदन के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसके बाद की पीढ़ी ने उस भावना को पीछे छोड़ दिया और प्रदेश की स्थिति को बिगाड़ने का काम किया।

लगता है चच्चू का प्रभाव है

बजट और राजकोषीय घाटे के संदर्भ में जब माता प्रसाद पांडेय ने सरकार की वित्तीय स्थिति पर प्रश्न उठाया, तो मुख्यमंत्री ने हल्के व्यंग्य में कहा कि आपने कह दिया कि राजकोषीय घाटा इतना अधिक है। लगता है चच्चू का प्रभाव भी आप पर आ गया है। मुख्यमंत्री का आशय यह था कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत आंकड़े अतिशयोक्तिपूर्ण प्रतीत होते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि तथ्यों और आंकड़ों की सटीकता आवश्यक है, अन्यथा भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

रोजगार योजना पर तंज

ग्रामीण रोजगार और विकसित भारत योजना के संदर्भ में जब माता प्रसाद पांडे ने पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं की तुलना की, तो मुख्यमंत्री ने सीधे उनकी ओर मुखातिब होकर कहा, देखिए पांडे जी पहले 100 दिन का रोजगार था, लेकिन गारंटी नहीं थी। अब 125 दिन रोजगार और बेरोजगारी भत्ता की गारंटी की बात करते हुए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से विपक्ष के दावों को अव्यावहारिक बताया। मुख्यमंत्री ने पुराने ढांचे पर कटाक्ष करते हुए “गड्ढा खोदो, फिर पाट दो” वाली व्यवस्था का जिक्र किया और कहा कि अब पक्के निर्माण, अमृत सरोवर, बाजार और मंडी निर्माण जैसे स्थायी कार्य किए जा रहे हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article