योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति पर हुई विस्तृत चर्चा
नाथ परंपरा से वैश्विक कल्याण की राह, अयोध्या के कायाकल्प पर भी विचार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रख्यात वैदिक विद्वान डेविड फ्रावले (वामदेव शास्त्री) ने मुलाकात की। इस दौरान योग, आयुर्वेद, वेद, सनातन संस्कृति और वैश्विक आध्यात्मिक विमर्श जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
योग और आयुर्वेद पर वैश्विक संवाद
बैठक में भारत की पारंपरिक ज्ञान परंपरा—योग और आयुर्वेद—को विश्व स्तर पर सशक्त बनाने पर विचार हुआ। डॉ. फ्रोली लंबे समय से वेद, ज्योतिष और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार से जुड़े रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने भी उत्तर प्रदेश में आयुष और योग को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की पहल का उल्लेख किया।
नाथ परंपरा और वैश्विक कल्याण
मुलाकात में नाथ परंपरा की आध्यात्मिक विरासत और उसके वैश्विक महत्व पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं नाथ परंपरा से जुड़े रहे हैं। बताया गया कि इस परंपरा के माध्यम से मानवता के कल्याण, संतुलित जीवनशैली और आध्यात्मिक जागरण का संदेश विश्व तक पहुंचाया जा सकता है।
बैठक के दौरान अयोध्या के व्यापक विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का कायाकल्प केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि भारत की वैदिक जड़ों की ओर लौटने का प्रतीक है।
डॉ. फ्रोली ने भी अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात सांस्कृतिक कूटनीति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।
सीएम योगी और डॉ. डेविड फ्रोली की यह बैठक योग, आयुर्वेद और सनातन परंपरा के वैश्विक विस्तार के संदर्भ में अहम मानी जा रही है। नाथ परंपरा और अयोध्या के सांस्कृतिक पुनरुत्थान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण संवाद माना जा रहा है।
सीएम योगी से मिले प्रख्यात वैदिक विद्वान डॉ. डेविड फ्रोली


