कानपुर देहात। जनपद में लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। टेंडर प्रक्रिया में घपलेबाजी और नियमों की अनदेखी कर लाखों रुपये जारी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
सूत्रों के अनुसार, जिस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, उसके लिए पहले ही 56 लाख 9 हजार रुपये की धनराशि जारी कर दी गई। आरोप है कि बिना वैध टेंडर स्वीकृति के एक फर्म को भुगतान कर दिया गया।
सरकारी कार्यों में सामान्यतः ई-टेंडरिंग, तकनीकी जांच और वित्तीय स्वीकृति के बाद ही भुगतान किया जाता है। लेकिन इस मामले में आरोप है कि प्रक्रिया को दरकिनार कर सीधे भुगतान कर दिया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठ रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और फर्म के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो सकती है।
क्या टेंडर प्रक्रिया में जानबूझकर अनियमितता की गई?
किसके आदेश पर भुगतान जारी हुआ?क्या अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह की गड़बड़ी हुई है?
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच की चर्चा है। आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
लोक निर्माण विभाग में फर्जीवाड़े का आरोप, टेंडर से पहले ही 56 लाख जारी!


