चीन से एक दुखद खबर सामने आई है। हुबेई प्रांत के जियांगयांग शहर में एक फायरवर्क्स (पटाखा) की दुकान में हुए भीषण विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा चंद्र नव वर्ष (लूनर न्यू ईयर) के उत्सव के दौरान हुआ, जब देशभर में आतिशबाजी और जश्न का माहौल था।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार विस्फोट बुधवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजे झेंगजी कस्बे में स्थित एक पटाखा दुकान में हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विस्फोट से लगभग 50 वर्ग मीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ और मौके पर आग लग गई। सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से शुरू किया गया और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर लगभग 3:30 बजे आग पर काबू पा लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से 12 शव बरामद किए गए हैं। विस्फोट का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आतिशबाजी सामग्री के भंडारण या सुरक्षा मानकों में कमी के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि इससे कुछ दिन पहले रविवार को जियांग्सू प्रांत में भी इसी तरह की एक दुकान में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद चीनी सरकार ने पटाखों के उपयोग और भंडारण को लेकर चेतावनी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और लापरवाही से बचें। त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
चीन में चंद्र नववर्ष बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग पारंपरिक पूजा-अर्चना, पारिवारिक मिलन और आतिशबाजी के जरिए नए साल का स्वागत करते हैं। इस वर्ष चीनी राशि चक्र के अनुसार अश्ववर्ष (घोड़े का वर्ष) का आगमन हुआ है, जो सर्पवर्ष के बाद आता है।
हांगकांग में आधी रात को मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु अगरबत्ती जलाकर नए साल की मंगलकामना करते नजर आए। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश वियतनाम में इसी पर्व को ‘टेट’ के नाम से मनाया जाता है, जहां आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
वहीं मॉस्को में भी दो सप्ताह तक चलने वाले उत्सव कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जहां लोगों ने चीनी व्यंजनों का आनंद लिया और सजी-धजी सड़कों पर उत्सव मनाया। ताइपे के बाओआन मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और शुभकामना स्वरूप घंटी 108 बार बजाई गई।
हालिया विस्फोटों ने उत्सव के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के लिए यह चुनौती है कि पारंपरिक उत्सवों की रौनक बरकरार रखते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


