फर्रुखाबाद। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और ग्रामीण स्तर तक यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत ब्लॉक राजेपुर सभागार में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी फर्रुखाबाद आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत तथा खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार जायसवाल ने 58 ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई।
बैठक में बताया गया कि शासन के निर्देशानुसार 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक जनपद में सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसके तहत ब्लॉक स्तर पर बैठकों का आयोजन कर ग्राम स्तर तक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
एआरटीओ सुभाष राजपूत ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि जनजागरूकता का भी मुद्दा है। नियमों का पालन करने से जहां मानव जीवन सुरक्षित रहता है, वहीं आर्थिक हानि से भी बचाव होता है। उन्होंने वर्ष 2025 के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पुलिस विभाग ने 46,958 चालान कर 212 वाहनों को बंद किया, जिससे 20.53 लाख रुपये प्रशमन शुल्क वसूला गया। वहीं परिवहन विभाग द्वारा 4,455 चालान किए गए और 1,066 वाहन सीज किए गए, जिनसे 2.37 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई।
जनपद में कुल 2.58 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों के अनुपालन में 281 ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किए गए। बैठक में ग्राम प्रधानों से अपने-अपने गांवों में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति गठित करने और एक “सड़क सुरक्षा अग्रदूत” नामित करने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने ओवरलोडिंग न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सभी वाहन प्रपत्र अद्यतन रखने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। ट्रैक्टर-ट्रॉली में रिफ्लेक्टर लगवाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि रात्रि के समय दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
एआरटीओ ने राह-वीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी इस योजना के अंतर्गत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त हिट एंड रन मोटर दुर्घटना मुआवजा योजना-2022 के तहत अज्ञात वाहन से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान है।
वर्ष 2025 में दिसंबर तक हिट एंड रन की 109 घटनाओं में 89 लोगों की मृत्यु तथा 81 लोग घायल हुए, जो चिंता का विषय है।
अधिकारियों ने अंत में सभी ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाएं और अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात नियमों के पालन के लिए लोगों को प्रेरित करें, ताकि जनपद को दुर्घटना मुक्त बनाया जा सके।


