शामली। बिजली आपूर्ति और बकाया वसूली को लेकर एक जनप्रतिनिधि और विद्युत विभाग के अवर अभियंता के बीच हुई तीखी फोन वार्ता का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। प्रसारित वीडियो में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान और विद्युत विभाग के अवर अभियंता सत्यप्रकाश के बीच तीखी बहस सुनाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न माध्यमों पर लोग इस प्रकरण को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान ने फोन पर अवर अभियंता से नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि लाइनमैन गांव में नहीं पहुंचेंगे तो वह बिजलीघर को आग लगा देंगे। इस पर अवर अभियंता की ओर से जवाब दिया गया कि “लगा दीजिए, आपका ही है।” बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में तीखे शब्दों का प्रयोग हुआ। हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जाता है कि यह मामला करीब छह माह पुराना है। उस समय अवर अभियंता सत्यप्रकाश अपनी टीम के साथ गांव डूंडूखेड़ा में बिजली चोरी की जांच और बकाया वसूली के लिए पहुंचे थे। जांच के दौरान कई उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटे गए थे। इस कार्रवाई के बाद गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और इसी क्रम में मनीष चौहान ने अवर अभियंता से फोन पर बातचीत की थी।
मनीष चौहान, भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र सिंह के पुत्र बताए जाते हैं। इस पूरे विवाद पर अब तक मनीष चौहान का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। वहीं अवर अभियंता की ओर से पूर्व में गांव में कथित मारपीट की घटना को लेकर पुलिस को प्रार्थना पत्र दिए जाने की भी जानकारी मिली है, जिस पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है।
प्रकरण के सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


