बदायूं: बदायूं (Badaun) जिले से एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिससे स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। जिले के एक निजी स्कूल (private school) में पांच वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिवार ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। यह घटना काकराला स्थित एक सरकारी स्कूल में हुई।
स्कूल प्रशासन के अनुसार, तापसी नाम की बच्ची ने खेलते समय अपने कंगन का एक मोती निगल लिया। बताया जाता है कि मोती उसकी श्वास नली में फंस गया, जिससे उसकी सांस रुक गई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। तापसी, उघैनी गांव के निवासी टेकचंद की इकलौती बेटी थी। उसके पिता ने बताया कि सुबह स्कूल जाते समय वह पूरी तरह स्वस्थ थी।
उन्होंने कहा, उसने दो पराठे खाए, अपना लंच पैक किया और खुशी-खुशी स्कूल चली गई। उसे बुखार या कोई बीमारी नहीं थी। स्कूल अधिकारियों ने दावा किया कि कक्षा शिक्षिका ने स्थिति को भांपते ही तुरंत प्रशासन को सूचित किया। बताया जाता है कि प्रधानाचार्य भूराज सिंह ने बिना देरी किए बच्ची के परिवार से संपर्क किया। बच्ची को पहले एक कान, नाक और गले के विशेषज्ञ के पास ले जाया गया, जिन्होंने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे सर्जन के पास भेज दिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
टेकचंद ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारियों द्वारा त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। इसके जवाब में, प्रधानाचार्य सिंह ने इस घटना को एक दुखद दुर्घटना बताया। उन्होंने कहा, “बच्ची पांच से छह घंटे स्कूल में रहती है; वह हमारी भी जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी पुष्टि की कि जांच में सहायता के लिए कक्षा के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं। अधिकारी फिलहाल घटना से जुड़े हालातों की जांच कर रहे हैं।


