– 65 लाख रुपये की लागत से तैयार कराया स्मारक, इलाके में चर्चा का विषय
बिहार। पूर्वी चंपारण जिले में एक रिटायर्ड पंचायत सचिव ने अपनी दिवंगत पत्नी की स्मृति में 65 फीट ऊंचा मंदिर बनवाकर अनोखी मिसाल पेश की है। बताया जा रहा है कि इस मंदिर के निर्माण में करीब 65 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पंचायत सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी के निधन के उपरांत उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने का संकल्प लिया। इसी संकल्प के तहत गांव में भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया।
मंदिर की ऊंचाई लगभग 65 फीट बताई जा रही है, जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में दूर से ही दिखाई देता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर का डिजाइन पारंपरिक शैली में तैयार कराया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर अब पूजा-अर्चना के साथ-साथ सामाजिक आयोजनों का भी केंद्र बन गया है। प्रतिदिन यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। विशेष अवसरों पर भंडारा और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
इतनी बड़ी राशि खर्च कर बनाए गए इस मंदिर को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा है। कुछ लोग इसे सच्चे प्रेम और समर्पण का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे निजी आस्था का उदाहरण मान रहे हैं।
रिटायर्ड पंचायत सचिव का कहना है कि उनकी पत्नी जीवनभर धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और समाजसेवा में विश्वास रखती थीं। इसी कारण उन्होंने उनकी स्मृति में ऐसा निर्माण कराया, जिससे समाज को भी लाभ मिल सके।
पूर्वी चंपारण में बना यह 65 फीट ऊंचा मंदिर अब स्थानीय पहचान का हिस्सा बनता जा रहा है और लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया है।

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