जहां आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में इंसान अपनों की सुध लेना भूलता जा रहा है, वहीं हरदोई के एक पशुपालक ने बेजुबान जानवरों के प्रति ऐसा स्नेह दिखाया कि पूरा इलाका हैरान रह गया। सदर तहसील के गौरा डांडा गांव निवासी लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो बकरियों स्वीटी और मोनिका का जन्मदिन किसी शाही आयोजन की तरह मनाकर समाज के सामने एक अनोखी मिसाल पेश की।
यह आयोजन किसी साधारण पार्टी तक सीमित नहीं था, बल्कि पूरी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल में संपन्न हुआ। लालाराम ने बाकायदा छपे हुए निमंत्रण पत्र गांव वालों में बांटे और सभी को जन्मदिन समारोह में शामिल होने का आग्रह किया। कार्यक्रम की शुरुआत रामायण और भागवत पाठ से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
जन्मदिन के अवसर पर स्वीटी और मोनिका को विशेष रूप से नहलाया गया, उन्हें नए वस्त्र पहनाए गए और फूलों की मालाओं से सजाया गया। मानो वे परिवार की बेटियां हों। लालाराम ने पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया, जिसे देखकर ग्रामीण भावुक भी नजर आए।
समारोह में जब डीजे की धुन बजी तो गांव की गलियां उत्सव में बदल गईं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी संगीत पर झूमते नजर आए। करीब 200 लोगों ने इस अनोखे जश्न में शिरकत की। गांव में देर शाम तक रौनक बनी रही और हर कोई इस आयोजन की चर्चा करता दिखा।
लालाराम का कहना है कि स्वीटी और मोनिका सिर्फ पशु नहीं, बल्कि उनके परिवार का हिस्सा हैं। उनका मानना है कि बेजुबानों के प्रति प्रेम और सम्मान भी इंसानियत का ही एक रूप है। इस अनूठे आयोजन ने न सिर्फ गांव बल्कि पूरे जिले में मानवीय संवेदनाओं की एक नई कहानी लिख दी है।


