जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने राजस्व निरीक्षक बजरंग प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आईजीआरएस संदर्भों में गलत आख्या प्रेषित करने और निर्विवाद उत्तराधिकार मामलों को बिना समुचित जांच निरस्त करने के गंभीर आरोपों के चलते की गई है।
जानकारी के अनुसार बजरंग प्रसाद क्षेत्र कड़ा, सिराथू में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ शिकायत मिली थी कि प्राप्त आवेदनों का निस्तारण नियमानुसार जांच किए बिना मनमाने ढंग से किया जा रहा है। कई मामलों में तथ्यों की अनदेखी कर रिपोर्ट भेजे जाने की बात सामने आई थी।
मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने त्वरित प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की लापरवाही से आमजन को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न होती है और शासन की मंशा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
निलंबन अवधि के दौरान बजरंग प्रसाद को भूलेख कार्यालय, कलक्ट्रेट से संबद्ध किया गया है। साथ ही प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


